पांच बड़ी ख़बरें: मालदीव पर 'हमले' के बयान को लेकर भारत की सफ़ाई

स्वामी ने ये बात कोलंबो में मालदीव के निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद से मुलाक़ात के बाद कही थी. अब भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने स्वामी के बयान को उनकी निजी सोच बताया है और कहा है कि उनसे सरकार सहमत नहीं है.
स्वामी ने पिछले हफ़्ते मंगलवार को कोलंबो में मोहम्मद नशीद से मुलाक़ात की थी. नशीद ने स्वामी से मालदीव में 23 सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में वर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की तरफ़ से गड़बड़ी कराए जाने की आशंका ज़ाहिर की थी.
नशीद ने भी ट्वीट कर कहा था कि उन्होंने स्वामी से मालदीव में 23 सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में गड़बड़ी को लेकर चिंता जताई है. स्वामी ने कहा था कि भारत को इस पर कार्रवाई के लिए सोचना चाहिए.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ख़त लिखकर कहा है कि वो जवाहरलाल नेहरू के योगदान को मिटाने की कोशिश ना करें. मनमोहन ने कहा है कि नेहरू केवल कांग्रेस के नहीं बल्कि वो पूरे देश के थे.
उन्होंने कहा कि नेहरू से जुड़े तीन मूर्ति भवन से सरकार छेड़छाड़ ना करे. मनमोहन सिंह ने ख़त में ग़ुस्से का इज़हार करते हुए लिखा है कि सरकार एजेंडे के तहत नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी के स्वरूप और उसकी संरचना को बदलने में लगी है.
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने छह साल के कार्यकाल में तीन मूर्ति भवन के साथ छेड़छाड़ नहीं की थी, लेकिन दुर्भाग्य से वर्तमान सरकार एजेंडे के तहत ऐसा कर रही है.
सरकार तीन मूर्ति भवन के भीतर ही देश के सभी प्रधानमंत्रियों से जुड़ा एक संग्रहालय बनाने की योजना पर काम कर रही है.
पाकिस्तान में नई सरकार बनने के बाद भारत पहली बार किसी भी तरह की आधिकारिक बातचीत करने जा रहा है. इस हफ़्ते एक टीम इस्लामाबाद जाएगी और सिंधु नदी के पानी पर बात करेगी.
भारत का कहना है कि सिंधु जल समझौते के तहत इस पर बातचीत अनिवार्य है. एक हफ़्ते पहले ही इमरान ख़ान ने पाकिस्तान की कमान संभाली है. पाकिस्तान के लिए सिंघु जल समझौता काफ़ी अहम है.
इमरान ख़ान ने भारत से संवाद की अपील की थी. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इमरान ख़ान को पत्र लिखकर सार्थक और रचनात्मक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी.
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने नोबेल विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन पर हमला बोला है. रविवार को बीजेपी ने कहा कि अमर्त्य सेन जैसे लोग हमेशा समाज को गुमराह करते रहे हैं.
इससे पहले सेन ने कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनाव में ग़ैर-बीजेपी और धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को एक साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए.
पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रमुख दिलीप घोष ने कहा, ''अमर्त्य सेन जैसे बुद्धिजीवी हमेशा वामपंथी विचारधारा की वकालत करते हैं. ये ज़मीनी हक़ीक़त को नहीं जानते हैं. सेन ने ख़ुद ही कहा है कि सीपीएम का प्रभाव कम हुआ है. यह सबसे बड़ा सच है और ये भी सच है कि सेन जैसे मार्क्सवादी लोगों की प्रासंगिकता वर्तमान समय में नहीं है.'रीलंका में एक सामूहिक क़ब्र का पता चला है जहां 90 लोगों के कंकाल मिले हैं. मन्नार शहर की ये क़ब्र 2009 के गृहयुद्ध के बाद मिली दूसरी सबसे बड़ी सामूहिक क़ब्र है. ये इलाक़ा युद्धग्रस्त था. कुछ दिन पहले श्रमिकों को यहां कुछ मानव अवशेष मिले थे जिसके बाद कोर्ट ने यहां खुदाई का आदेश दिया था. ये तो अभी तक नहीं पता चला है कि ये कंकाल पीड़ितो के हैं या मारने वालों के. लेकिन जिस तरह से इन शवों को दफ़नाया गया है, उससे सवाल तो पैदा होते हैं. श्रीलंका के गृहयुद्ध में लाखों लोग मारे गए थे और हज़ारों लोग अब भी लापता हैं.

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